संरक्षित कृषि – प्लास्टिक मल्चिंग योजना

यह योजना किसानों के लिए है ,

योजना के तहत कुल लागत का अधिकतम  ₹48000 का अनुदान देय-

-स्रोत:  सरकारी योजनाएं

परिचय-

(खास जानकारी और लक्ष्य) उद्यानिकी फसलों में खरपतवार एक बहुत बड़ी समस्या है। जब फसल के पौधे छोटे होते है, तो पौधों के लिए आवश्यक धूप, जल एवं भूमि की उर्वरता का अधिकांश भाग खरपतवारों के द्वारा उपयोग में ले लिया जाता है। जिससे फसल के पौधे ठीक से वृद्धि नहीं कर पाते है। इस समस्या के समाधान के लिए खेत में प्लास्टिक की पन्नी से कतारे बनाई जाती है तथा उनमें निश्चित दूरी पर गड्ढे करके आवश्यक पौधे रोप दिये जाते है। पौधों के आस-पास की जमीन प्लास्टिक से ढ़की होने के कारण वहां पर खरपतवार नहीं उग पाते है। सरकार प्लास्टिक मल्चिंग को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 75 प्रतिशत तक बढ़ावा देती है। प्लास्टिक मल्चिंग के प्रयोग से किसानों के श्रम एवं भूमि की उर्वरता का अनावश्यक दुरुपयोग नहीं होता है।

योजना क्या है?

सरकार द्वारा प्लास्टिक मल्चिंग के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्लास्टिक मल्चिंग की लागत का 50% अनुदान केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाता है। तथा लघु, सीमांत कृषकों को 25% राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त अनुदान (TopUp Subsidy) दिया जाता है।

पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )

  1.  किसान

  2.  किसान समूह

  3.  संस्था

संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )

  1. भू स्वामित्व प्रमाण पत्र

  2.  नक्शा ट्रेस

  3.  मिट्टी व पानी की जांच रिपोर्ट

  4.  लघु एवं सीमांत, एससी, एसटी कृषक का प्रमाण पत्र

  5. प्लास्टिक मल्चिंग निर्माण लागत एम्पेनल फर्म का बिल

आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?

  • नजदीकी ईमित्र से

  • emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें

योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )

  1. प्लास्टिक मल्च की लागत का 50% अधिकतम ₹16000 प्रति हेक्टेयर देय

  2.  लघु, सीमांत श्रेणी के कृषक को लागत का 75% अधिकतम ₹24000 प्रति हेक्टेयर देय

एक कृषक अधिकतम 2 हेक्टेयर पर अनुदान प्राप्त कर सकता है।

सारांश

दादा-परदादा के समय से एक कहावत है, कि यदि खेत में कुछ भी ना हो, तो भी खरपतवारों को खोद  देना चहिए। क्योकिं एक बार उगे खरपतवार के बीज अगले 7 बरस तक खेत में रहते है। पौधो के आस-पास के अतिरिक्त स्थान को प्लास्टिक मल्च से ढ़कने पर खरपतवार होने से रोका जा सकता है। सरकार प्लास्टिक मल्चिंग योजना के तहत ₹48000 तक का अनुदान देय है।

यदि आपके परिचित में या आप एक कृषक है और अपने खेत पर प्लास्टिक मल्चिंग करना चाहते हैं, तो आप जमाबंदी के साथ e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान&nb
sp; ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC ) से घर बैठे आवेदन करवा सकते हैं।

Official URL

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FAQ

VK Saini

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