डिग्गी निर्माण कार्यक्रम योजना

यह योजना  किसानों के लिए है ,

योजना  के तहत अधिकतम  ₹200000 लाभ  देय

-स्रोत:  सरकारी योजनाएं

परिचय-

(खास जानकारी और लक्ष्य) डिग्गी निर्माण कार्यक्रम योजना का उद्देश्य  सिंचित क्षेत्र में वृद्धि करने व जल का ठीक तरह से उपयोग करने हेतु नहर क्षेत्र में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-  डिग्गी निर्माण कार्यक्रम योजना के तहत कर कृषकों को डिग्गी निर्माण पर 50% तक का अनुदान देय है।

योजना क्या है?

डिग्गी निर्माण कार्यक्रम के तहत कृषकों को अपने खेत पर की पक्की डिग्गी का निर्माण कराने पर इकाई लागत का 50% या ₹350 प्रति घन मीटर भराव क्षमता के अनुसार अनुदान  तथा कच्ची डिग्गी का निर्माण कराने पर एक का लागत का 50% या ₹100 प्रति घन मीटर भराव क्षमता के अनुसार अनुदान देय हैं।

पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )

  1.   किसानों को

  2.  राज्य के सभी नहरी क्षेत्रों में 

  3. कृषक के पास न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है।

संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )

  1. आधार कार्ड

  2.  बैंक पासबुक की प्रति

  3.  जमाबंदी के प्रति

  4.  पासपोर्ट साइज फोटो 

आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?

  • नजदीकी ईमित्र से

  • emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ईमित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें

योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )

कृषक अधिकतम ₹2लाख का अनुदान ले सकता है-

  1.  पक्की डिग्गी के निर्माण पर  इकाई लागत का 50%  या ₹350 प्रति घन मीटर  भराव क्षमता के अनुसार देय

  2.   प्लास्टिक लाइनिंग डिग्गी के निर्माण पर  इकाई लागत का 50%  या ₹100 प्रति घन मीटर  भराव क्षमता के अनुसार देय

सारांश

भारत सरकार के द्वारा कृषि सिंचाई योजना के तहत डिग्गी निर्माण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नहर  से होने वाले सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना है। किसान यदि अपने खेत में डिग्गी बनाकर लहरों से मिलने वाले पानी का सदुपयोग करता है तो उसे डिग्गी बनाने के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में  50% तक अनुदान देय होता है।

 यदि आप एक किसान हैं और अपने खेत पर डिग्गी निर्माण करवाना चाहते हैं, तो अनुदान के लिए आप जमाबंदी के साथ e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान  ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC ) से घर बैठे आवेदन करा सकते हैं।

Official URL

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FAQ

VK Saini

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