आवासीय विद्यालय योजना राजस्थान

यह योजना  गरीब विद्यार्थियों के लिए है ,

योजना के तहत अधिकतम कक्षा 6 से 12वीं तक की निशुल्क शिक्षा देय

-स्रोत:  राजस्थान की योजनाएं

परिचय-

(खास जानकारी और लक्ष्य) आवासीय विद्यालय योजना का उद्देश्य राज्य में अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभावान छात्र/छात्राओं एवं निष्क्रमणीय पशुपालकों एवं भिक्षावृत्ति जैसी गतिविधियों में लिप्त परिवारों के बच्चों को स्वच्छ एवं अच्छे वातावरण में कक्षा 6 से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

योजना क्या है?

 आवासीय विद्यालय योजना के अंतर्गत राजस्थान में 25 से अधिक आवासीय विद्यालय संचालित है। राज्य सरकार द्वारा जर्मनी की आर्थिक सहायता से आवासीय विद्यालयों के  सुंदर, स्वच्छ एवं शिक्षा अनुकूल वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करायी जाती है।

प्रवेश में  आरक्षण का निर्धारण इस प्रकार है ।

क्र.स.

वर्ग

प्रवेश में आरक्षण का निर्धारित प्रतिशत

1

अनुसूचित जाति क्षेत्र में स्थापित विद्यालय हेतु

60%अनुसूचित जाति

15%अनुसूचित जनजाति

15%अन्य पिछड़ा वर्ग(विशेष पिछड़ा वर्ग सहित)

10%आर्थिक पिछड़ा वर्ग

2

अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में स्थापित विद्यालय हेतु

60% अनुसूचित जनजाति

15%अनुसूचित जाति

15%अन्य पिछड़ा वर्ग (विशेष पिछड़ा वर्ग सहित)

10% आर्थिक पिछड़ा वर्ग

3

< span style="font-family: Arial; font-size: 11pt; font-variant-east-asian: normal; font-variant-numeric: normal; vertical-align: baseline; white-space: pre-wrap;">विशेष पिछड़ा वर्ग क्षेत्र में स्थापित विद्यालय हेतु (देवनारायण आवासीय विद्यालय)

60 %विशेष पिछड़ा वर्ग

10 %अनुसूचित जाति

10 %अनुसूचित जनजाति

10 %अन्य पिछड़ा वर्ग

10 %आर्थिक पिछड़ा वर्ग

4

निष्क्रमणीय पशुपालकों के बच्चों हेतु आवासीय विद्यालय

100% निष्क्रमणीय पशुपालकों के बच्चों हेतु

5

भिक्षावृत्ति एवं अंवाछित वृत्तियों में लिप्त परिवारों के बच्चों हेतु आवासीय विद्यालय

100%भिक्षावृत्ति एवं अंवाछित वृत्तियों में लिप्त परिवारों के बच्चों हेतु

पात्रता ( लाभार्थी कौन हैं? )

  1. SC/ST/MBC/OBC/EWS वर्ग के गरीब परिवारों के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं

  2.  भिक्षावृत्ति एवं अन्य अंवाछित वृत्तियों में लिप्त परिवार के बालक-बालिका

  3.  निष्क्रमणीय पशुपालकों के बालक-बालिका

  4.  वार्षिक आय ₹800000 अधिक नहीं हो।

  • प्रवेश का आधार पिछली कक्षा में प्राप्त अंकों से होगा

  •  बीपीएल परिवारों के बालक बालिकाओं के बाद  अन्य  गरीब बच्चों को लिया जाएगा

संलग्न दस्तावेज ( आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज )


  1. जन आधार कार्ड 

  2. आधार कार्ड./आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन नं. रसीद

  3. जाति प्रमाण पत्र

  4. गत वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण का प्रमाण पत्र

  5. आय का घोषणा पत्र

  6. मूल निवास प्रमाण पत्र

  7. बी.पी.एल. प्रमाण-पत्र (केवल बी.पी.एल. के लिए)

  8. निःशक्तता प्रमाण-पत्र (केवल विशेष योग्यजन के लिए)

  9. माता-पिता की मृत्यु प्रमाण-पत्र(केवल अनाथ के लिए)

  10. पिता का मृत्यु प्रमाण-पत्र(केवल विधवा के बालक/बालिका के लिए)

  11.  छात्र का चरित्र प्रमाण-पत्र (विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य द्वारा प्रमाणित होना आवश्यक)

आवेदन कैसे ( कहाँ ) करें?

  • नजदीकी ई मित्र से

  • emitra@whatsapp की सुविधा से डिजिटल प्रधान ई-मित्र & CSC के माध्यम से अपने घर से आवेदन करें

योजना के लाभ ( आवेदन क्यों करें? )

  1. आवासीय विद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षा 6 से 12वीं तक की शिक्षा का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। 

  2. इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, स्कूल ड्रेस, पाठ्यपुस्तकें, लेखन सामग्री आदि का समस्त व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता हैं। 

  3. राज्य सरकार द्वारा आवासीय विद्यालयों में ई-टयूशन की सुविधा प्रदान किया जाना नियत किया गया है। 

सारांश

आवासीय विद्यालय योजना के तहत गरीब परिवारों के प्रतिभावान बालकों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दी जाती है। साथ ही ऐसे परिवारों के बालक जो निष्क्रमणीय पशुपालक है या भिक्षावृत्ति, शराब बनाना जैसी एवं शनि गतिविधियों में लिप्त है, उनको आवासीय विद्यालयों के सुंदर स्वच्छ एवं शिक्षा अनुकूल वातावरण में कक्षा 6 से 12वीं तक की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है । जिससे उनका मन एवं मस्तिष्क अच्छी तरह से विकसित हो सके तथा वह एक बेहतर नागरिक बने।

  यदि आपके आसपास कैसे बालक एवं बालिका हैं तो आप उनके पिछले वर्ष की मार्कशीट के साथ e-mitra ऑन व्हाट्सएप ( emitra@whatsapp ) की सुविधा से डिजिटल प्रधान  ई-मित्र एवं सीएससी ( Digital Pradhan E-mitra & CSC )  के माध्यम से अपने घर बैठे आवेदन करें

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FAQ

VK Saini

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